Sadguru Sharnam

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Lakho mehfil Jahan me h you toh par KRIPALU si mehfil nahi hai... Radhey radhey..

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🔯🌺⚕️🙏❕मदर्स_डे_सन्देश :❕🙏⚕️🌺🔯 🔯🙏🌺⚕️श्री राधारानी चरणारविंद मकरंद मिलिंद महानुभाव ! आप सभी को मदर्स डे(Mother's Day) की बहुत-बहुत शुभकामनायें !⚕️🌺🙏🔯 🔯⚕️मदर्स डे का साधारण सा अर्थ है माँ का दिन अर्थात माँ के सम्मान का दिवस , उसके उपकारों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन। संसार में माँ का स्थान सर्वोपरि माना जाता है, घोर संसारी लोग भी आज के दिन अपनी-अपनी माताओं को प्रणाम करते हैं, उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेते हैं , उनको उपहार देते हैं , उस माँ के उपकारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं , अपने आप को ऋणी मानते हैं। अर्थात कई प्रकार से माँ के प्रति अपने प्रेम को प्रदर्शित करते हैं। तो संसारी दृष्टि से तो इस प्रकार कर्तव्य पालन करते हुये मदर्स डे मनाना ठीक है। यद्यपि मेरी दृष्टि में तो कई स्थानों पर इस प्रकार इस दिवस को मनाने का भी कोई औचित्य नहीं है क्योंकि जो पुत्र या पुत्री पूरे वर्ष ही किसी न किसी प्रकार माँ को कष्ट पहुँचाते रहें , उसके हृदय को ठेस पहुँचाकर सही गलत हर कामना की पूर्ति चाहते रहें ऐसी संतानों का तो इस एक दिन किया गया ये बाह्य कर्तव्य पालन करना भी व्यर्थ ही है। ⚕️🔯 🔯⚕️अस्तु ! अब हम बात करते हैं ईश्वरीय क्षेत्र की। ईश्वरीय क्षेत्र में प्रत्येक पर्व मनाने का एकमात्र उदेश्य यही है कि हम ईश्वर के साथ अपने सनातन संबंध का स्मरण करें और उसी से प्रीति बढ़ाने प्रयास करें ।⚕️🔯 ⚕️क्योंकि वो ही हमारा सनातन संबंधी है ,हमारा सर्वस्व है - दिव्यो देव एको नारायणो माता पिता भ्राता निवासः शरणं सुह्रत् गतिर्नारायण।⚕️ (सुबालो.6-4) वेद कहता है भगवान ही हमारे सबकुछ हैं। हम लोग मंदिरों में बोलते ही हैं - त्वमेव माता च पिता त्वमेव , त्वमेव बंधुश्च सखा त्वमेव त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव , त्वमेव सर्वं मम देव देव अर्थात हमारा हर सम्बन्ध केवल उसी से है। श्री कृष्णो जगतां तातो जगन्माता तु राधिका अर्थात श्री कृष्ण सम्पूर्ण जगत के पिता और राधा सम्पूर्ण जगत की माता हैं । ⚕️🌸🌹🙏🌹🌸 🌹🥀🌹🥀🌹🥀🌹🥀🌹🥀🌹🥀🌹🥀🌹🥀🌹 🌺💐#हमारे_परम_पूज्य_गुरुदेव_जगद्गुरु_श्री_कृपालु_जी_महाराज_कहते_हैं ;;---------- 🌺💐~~~~"""""~~~~~""""~~~~~"""""~~~~💐🌺 ⚕️"हरि" है 'मदर' तेरी गोविंद राधे । ⚕️'सारा जग' "माँ" की सन्तान बता दे ॥ ⚕️और जब तक भगवत्प्राप्ति नहीं होती गुरु ही हमारी माँ पिता सर्वस्व हैं। इस लिये हरि-गुरु चरणानुरागियों के लिये मदर्स डे मनाने का यही उदेश्य होना चाहिये कि हम बार-बार हरि-गुरु के साथ अपने इस सनातन सम्बन्ध का स्मरण करें ताकि ये सिद्धान्त हमारे मस्तिष्क में समा जाये कि वे ही हमारे सर्वस्व हैं। संसार में अवश्य हम अपने कर्तव्य का पालन करें। माँ का सम्मान , सेवा इत्यादि करें लेकिन मन का अनुराग केवल हरि-गुरु में ही करें। इस प्रकार इस सम्बन्ध का स्मरण करते-करते जिस दिन हम केवल हरि-गुरु को ही अपनी माता मान लेंगें वे तुरंत अपने दिव्य प्रेम का खजाना देकर हमें मालामाल कर देंगें। तभी हमारा मदर्स डे मनाना सार्थक हो सकेगा। अतः मदर्स डे मनाने का यही उदेश्य है कि हम राधारानी को माँ मानते हुये, उनकी अनन्त अकारण कृपाओं का स्मरण करके आँसू बहाते हुए उनसे कृपा की याचना करें-- माँ कृपा करू, माँ कृपा करू , माँ कृपा करू राधे। ओर हमरिहिं लखहु जनि माँ ,ओर निज लखु राधे। जो भी हूँ मैं हूँ तो तेरा, कहूँ कासों राधे। बेर भई अब तो लखहु माँ ,ढिग 'कृपालुहुँ' राधे।। ( श्री महाराजजी ) 🌹⚕️हमें अज्ञान की निद्रा से जगाने वाले श्री राधाकृष्ण के ही साक्षात्स्वरूप भक्तियोगरसावतार जगद्गुरु श्री कृपालु महाप्रभु रूपी माता एवं उनकी अर्धांगिनी हमारी प्राणप्यारी गुरुमाता के चरणों में कोटि- कोटि नमन व आप सभी गुरुभक्तों को एक बार पुनः मदर्स डे की बहुत-बहुत बधाई व शुभकामनाएँ। ⚕️🌹 🔯🌹⚕️*"जगद्गुरु_श्री_कृपालु_जी_महाराज।"*⚕️🌹🔯 💝★★★★🎊★★~~~💐~~~★★🎊★★★★💝
2 months ago
4:41
💝🔹°°°°°●~~~●°°जय राधे राधे°°●~~~●°°°°°🔹💝 🌹🔹▫️*"जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज जी के श्रीमुख"* से नि:सृत *अमृत वचन*;:---------------------- 🙏⚕️▪️▫️▫️▫️▫️▫️▫️▫️▫️▫️▫️▫️▪️⚕️🙏 🌹🔹▫️*"श्री महाराजजी"*-- बताते हैं किः--"श्यामा-श्याम" के लिए एक आँसू बहाने से वे हजार आँसू बहाते हैं। काश! की मेरी इस वाणी पर आप विश्वास कर लेते तो आँसू बहाते न थकते। अरे उसमें हमारा खर्च क्या होता है। उसमें क्या कुछ अकल लगाना है। क्या उसके लिए कोई साधना करनी है? क्या इसमें कोई मेहनत है। क्या यह कोई जप है? तप है? आँसू उनको इतने प्रिय हैं और तुम्हारे पास फ्री हैं। क्यों नहीं फ़िर उनके लिए बहाते हो? निर्भय होकर उनसे कहो कि तुम हमारे होकर भी हमें अबतक क्यों नहीं मिले। तुम बड़े कृपण हो, बड़े निष्ठुर हो, तुमको जरा भी दया नहीं आती क्या? हमारे होकर भी हमें नहीं मिलते हो। इस अधिकार से आँसू बहाओ। हम पतित हैं, अपराधी हैं, तो क्या हुआ। तुम तो 'पतित पावन' हो। फ़िर अभी तक क्यों नहीं मिले? अगर इतने बड़े अधिकार से मन से प्रार्थना करोगे, आँसू बहाओगे, तो वो तुम्हारे एक आँसू पर स्वयं हजार आँसू बहाते हैं।▫️⚕️▫️🔹🌺 🌺🔹▫️अरे भाई! कुछ कमा लो,जैसे पहले कुछ कमाया था तो मनुष्य का शरीर मिला और भगवान में थोड़ी सी प्रव्रत्ति हुई।⚕️ 🌺🔹▫️क्षण क्षण अपना, #साधना तथा #सेवा में व्यतीत करो । आज का दिन फ़िर मिले ना मिले !! दोबारा मानव देह फिर मिले ना मिले !! इस समय तो #मानव_देह भी मिला है और #गुरु भी मिल गया है ।⚕️ फिर लापरवाही क्यों ......?⚕️ इससे अच्छा अवसर फ़िर आसानी से नहीं मिलने वाला...!!! बार - बार सोचो !!!⚕️▫️🔹🌺 🌹🔹ःःःःःःःःः" तुम्हारा कृपालु "ःःःःःःःःः🔹🌹 🎊~~~~~~~~~~°°°°°°°°°°°°°~~~~~~~~~~🎊 🌹🔹~~~~💐**"जय जय श्री राधे"**💐~~~~🔹🌹
3 months ago
8:06
🔮⚪⚪⚪🔸**"श्री गुरुवे नमो नमः"**🔸⚪⚪⚪🔮 💝👏~~~~~~~~~~~~~👏💝 🔮⚪*"गुरु नाता मन ते जोड़ो , सदा आठु यामा । जग नाता मन ते तोड़ो , मिलें श्याम श्यामा ।। गुरु के साथ मन का तादात्म्य स्थापित करना चाहिये। यह मानसिक संबंध निरंतर बनाये रहना चाहिये एवं संसार में शरीर को रखते हुए भी , मन से संसार का संबंध त्याग देना चाहिये । श्यामा श्याम मिल जायेंगे ।"*⚪🔮 💐****"जगद्गुरु_श्री_कृपालु_जी_महाराज।"****💐 💐*****-------^^^^^-----------*----------^^^^^-------*****💐 🔮⚪*"मानव देह की दुर्लभता के साथ साथ क्षणभंगुरता पर विचार करते हुए तुरंत वास्तविक महापुरुष द्वारा निर्दिष्ट साधना प्रारम्भ करो, संसारी कमाई पर नहीं, ईश्वरीय कमाई पर ध्यान दो। वो ही साथ जायेगी।"*⚪🔮 🔮⚪*"अपनी भक्ति, अपने गुरु, अपने इष्टदेव में श्रद्धा प्रेम बढ़ाने वाली बात जहाँ कहीं से मिले, ले लो। जिससे मिले, ले लो। और जहाँ न मिले या उल्टा मिले बस वहाँ अलग हो जाओ। देर न लगाओ तुरन्त उस व्यक्ति से संबंध ख़त्म कर दो। दुर्जनों का संग त्याग कर सिर्फ़ सत्संगीयों का संग करो।"*⚪🔮 💐******"जगद्गुरु_श्री_कृपालु_जी_महाराज।"******💐 💐*******--------------:::::::::::::::::::-------------*******💐 🔴⚪🔹⚪🔸⚪"जय जय श्री राधे"⚪🔸⚪🔹⚪🔴
3 months ago
0:26
411881752910718
4 months ago