Dr. Kumar Vishwas

Writer

Official page of Dr Kumar Vishvas
https://twitter.com/DrKumarVishwas
कोई दीवाना कहता है...


This page relates to poetry, latest information and contact details of Indian Poet, Performer and Motivational Speaker Dr Kumar Vishwas. Dr Kumar Vishwas, known for his modern style of Hindi and Urdu poetry that appeals the masses and the classes, have brought a massive section of Global audiences to his following through his unmatched mesmerism.
This page aims to host a huge collection of Dr Kumar Vishwas' poetry in Text, Still Visual, Audio and Video formats.

1:49
“माँ, बहन, बेटी या महबूब के साए से जुदा, एक लम्हा न हो, उम्मीद करता रहता हूँ , एक औरत है मेरी रूह में सदियों से दफ़न , हर सदा जिस की, मैं बस गीत करता रहता हूँ..!” 🙏एशिया का पहला नोबेल जीतने पर रॉयटर्स के संवाददाता ने इंग्लैण्ड से फोन कर के गुरुदेव से पूछा, “आपको आपकी कविता के लिए नोबेल मिला है। आप इतना अच्छा कैसे लिख लेते हैं?” गुरुदेव ने जवाब दिया, “मैं कुछ नहीं लिखता। मेरे हृदय के अंदर एक विरहणी निवास करती है। वो रो देती है, और मैं उसका दुःख कागज़ पर उकेर देता हूँ, कविता हो जाती है।” ईश्वर ने सृजन करने का अधिकार अपने अलावा सिर्फ स्त्री को दिया है। जहाँ स्त्री नहीं है, वहाँ सर्जना सम्भव ही नहीं है। विश्व महिला दिवस पर विश्व सर्जना की अधिकारिणी, दुनिया की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली हर स्त्री-शक्ति को सलाम 🙏 #अंतराष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
12 days ago
2:51
(इसे सुनने के लिए हैडफ़ोन प्रयोग करें, क्यूँकि ये दो महान जनप्रतिनिधियों की सार्वजनिक स्थल पर की गई बातचीत है 🙏Please use earplugs) हम लोग अपने-अपने नेताओं और दलो की अंधभक्ति में देश की संवैधानिक संस्थाओं में कैसै भी लोगों को चुनते रहते हैं ! आज उत्तर प्रदेश के दो राष्ट्रवादी लोगों में कहासुनी हो गयी ! एक सांसद हैं ,एक विधायक हैं ! सीमा पर कौन पहले जाए पाकिस्तान से लड़ने शायद यही मुद्दा रहा होगा ! आख़िर तक सुनिए ये वीडीयो...आख़िर में अलग-अलग भाषा-बोली में “भारतमाता की जय” भी शायद सुनाई देगा! ज़रूर बोला होगा, हो सकता है हमारे ही कान ख़राब हों? ऐसे लोग देश की संसद और विधानसभाओं में ज़रूर भेजते रहिए और फिर देश की सारी समस्याओं का ठीकरा एक दूसरे दल पर फोड़ते रहिए ! 😢🙏🇮🇳
13 days ago
1:23
😳🙏
14 days ago
5:43
ज़िंदगी से ज़रूरी कुछ नहीं है...हर बार, हर शो, हर जगह पर यह बात कहता रहा हूँ ! बच्चों की परीक्षाएँ आ रही हैं ! अपने अधूरे, बेवक्त बुझे सपनों की लाशें अपने बच्चों की मासूम, अधखुली पलकों पर मत लादिए ! मैं ख़ुद ज़िंदगी के समाज द्वारा निर्धारित तथाकथित इम्तिहानों में दो-तीन बार बेतरहा फ़ेल हुआ हूँ और हर बार की असफलता ने मुझे पहले से बहुत बेहतर बनाया है ! इश्क़ की असफलता ने शायर, इंजीनियरिंग की असफलता ने लोकप्रिय और दोस्तों के विश्वासघात से मिली (तथाकथित) असफलता ने जागरूक नागरिक बनाया ! TV9 भारतवर्ष द्वारा निर्मित और विनोद कापडी द्वारा निर्देशित इस शानदार शार्ट फ़िल्म को हम सब ज़रूर देखें और हर परिवार तक ज़रूर पहुँचाए ! याद रखिए... ...किसी चेहरे से मुहब्बत हो जाए तो एक साधारण सा, असफल विज्ञान-विद्यार्थी “कुमार विश्वास” बन सकता है और अपने काम से मुहब्बत हो जाए तो एक साधारण मल्लाह का बेटा “डॉ एपीजे अब्दुल कलाम” बन सकता है ! जीते रहिए...ज़िंदा रहिए 😍🙏
15 days ago